Close Menu
Aarogya GangaAarogya Ganga
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    ब्रेकिंग न्यूज़ -
    • 15 सितंबर से शुरू होगी केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा, 7 सितंबर से टिकट बुकिंग
    • हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धीकरण’ का मामला, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत अन्य पर FIR
    • उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप, 24 घंटे में 58 नए मरीज; डेंगू और कोरोना के मामले भी सामने आए
    • उत्तराखंड में साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 7 दिन के ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ में 10 गिरफ्तार; 644 SIM और 630 IMEI ब्लॉक
    • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग
    • लोक भवन में सतत हिमालयी भविष्य के लिए एआई और पर्यावरण के समन्वय पर मंथन
    • महाराज ने की नेपाल के राजदूत से भेंट, हर संभव मदद कर दिया भरोसा
    • जंतर-मंतर हमला मामला: स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
    • सीबीआई का ऑपरेशन चक्र-VI: डिजिटल अरेस्ट गिरोह पर देशव्यापी वार
    • मुख्यमंत्री ने किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का किया शुभारंभ
    Saturday, September 5
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    Aarogya GangaAarogya Ganga
    Demo
    • होम
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • खेल
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • मनोरंजन
    • अपराध
    Login
    Aarogya GangaAarogya Ganga
    Home»उत्तराखंड»लोक भवन में सतत हिमालयी भविष्य के लिए एआई और पर्यावरण के समन्वय पर मंथन
    उत्तराखंड देहरादून

    लोक भवन में सतत हिमालयी भविष्य के लिए एआई और पर्यावरण के समन्वय पर मंथन

    Aarogya GangaBy Aarogya GangaSeptember 4, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp

    मानव कल्याण और प्रकृति संरक्षण के लिए एआई के सही उपयोग पर जोर

    हिमालयी विकास में तकनीक और प्राकृतिक संतुलन जरूरी: राज्यपाल

    लोक भवन देहरादून 03 सितम्बर, 2026 लोक भवन देहरादून में गुरुवार को ‘अमृतकाल के लिए पर्यावरण और एआई’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘सतत हिमालयी भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ था जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, हिमालयी पारिस्थितिकी और एआई के बेहतर उपयोग पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

    इस संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि आज दुनिया के सामने पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे समय में 21वीं सदी की महत्वपूर्ण उपलब्धि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को प्रकृति के साथ जोड़कर देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारी चुनौतियां ही हमारे लिए अवसर भी बन सकती हैं, यदि हम तकनीक के माध्यम से उनके समाधान खोजने का प्रयास करें।

    राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं रहती हैं। जरूरत इस बात की है कि इसे समझा जाए और मानव कल्याण तथा प्रकृति के संरक्षण के लिए इसका सही उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से हम प्राकृतिक बुद्धिमत्ता को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें जीवन और समृद्धि का रास्ता दिखाया है। विकास तभी सार्थक होगा, जब तकनीकी प्रगति के साथ प्राकृतिक संतुलन भी बना रहे। हिमालय और उसके प्राकृतिक संसाधन हमारे लिए अमूल्य हैं। इसलिए विकास की दिशा तय करते समय प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में वैश्विक प्रतिस्पर्धा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक तकनीक और विनिर्माण जैसे क्षेत्र इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं से नवाचार और तकनीकी ज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत का युवा अपनी प्रतिभा और नवाचार के बल पर विश्व स्तर पर नई पहचान बनाएगा।

    संगोष्ठी में उपस्थित हेस्को के संस्थापक पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने अपने संबोधन में प्रकृति और नैसर्गिक बुद्धिमत्ता (नेचुरल इंटेलिजेंस) के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल तकनीकी विकास पर्याप्त नहीं है, प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही वास्तविक और स्थायी समृद्धि हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्राकृतिक बुद्धिमत्ता का समन्वय समय की आवश्यकता है।

    भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. शेखर सी. मांडे ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल अवधारणा और उसके विभिन्न उपयोगों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार हमारे जीवन और विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है। राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के महानिदेशक डॉ. एम.एम. त्रिपाठी ने ऑनलाइन कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पाठ्यक्रमों के विस्तार पर प्रस्तुति दी। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को नई तकनीक का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    वीर माधो सिंह भण्डारी तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर ने स्वागत संबोधन दिया और संगोष्ठी के उद्देश्य एवं विषयवस्तु की जानकारी दी। इनमोबी की वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने उद्योग जगत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका और संभावनाओं पर विचार रखे। टेक्नो हब के मुख्य तकनीकी अधिकारी श्री सिद्धार्थ माधव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विषय कक्ष की अवधारणा और उसके उपयोग की जानकारी दी।

    इस अवसर पर वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन माउंटेन सिस्टम ‘‘हिम एआई‘‘ का शुभारंभ भी हुआ। यह केंद्र हिमालयी क्षेत्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और आपदा संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, अनुसंधान एवं नवाचार, सतत विकास तथा आपदा प्रतिरोधक क्षमता के क्षेत्र में कार्य करेगा।

    संगोष्ठी में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, विधिक सलाहकार श्री कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, उद्योग और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Aarogya Ganga
    • Website

    Related Posts

    15 सितंबर से शुरू होगी केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा, 7 सितंबर से टिकट बुकिंग

    September 5, 2026
    Read More

    हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धीकरण’ का मामला, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत अन्य पर FIR

    September 5, 2026
    Read More

    उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप, 24 घंटे में 58 नए मरीज; डेंगू और कोरोना के मामले भी सामने आए

    September 5, 2026
    Read More
    Leave A Reply Cancel Reply

    Top Posts

    देहरादून: शिक्षक संघ की गोष्ठी में नई कार्यकारिणी का अभिनंदन

    May 18, 2026291

    मानसिक-शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं यह उपाय!

    September 6, 202588

    मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया सफाई अभियान

    September 27, 202578

    केदारनाथ सोना विवाद: गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आई सामने, हुए बड़े खुलासे

    September 23, 202570
    Weather

    Aarogya Ganga is a National Hindi News Magazine. Launched in 2006, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.

    Editor: Sarojani Saklani
    Address: Lane No-6, A-Block, Shiv Ganga Enclave, Danda Lakhond, Sahastradhara Road, Gujrara, Dehradun, Uttarakhand, India 248001
    Email Us: aarogyaganga@gmail.com

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Our Picks

    15 सितंबर से शुरू होगी केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा, 7 सितंबर से टिकट बुकिंग

    September 5, 2026

    हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धीकरण’ का मामला, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत अन्य पर FIR

    September 5, 2026

    उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप, 24 घंटे में 58 नए मरीज; डेंगू और कोरोना के मामले भी सामने आए

    September 5, 2026
    Most Popular

    देहरादून: शिक्षक संघ की गोष्ठी में नई कार्यकारिणी का अभिनंदन

    May 18, 2026291

    मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया सफाई अभियान

    September 27, 202578

    केदारनाथ सोना विवाद: गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आई सामने, हुए बड़े खुलासे

    September 23, 202570
    © 2026 Aarogya Ganga. All rights reserved.
    • होम
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?