देहरादून। श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज धर्मपुर में संस्कृत शिक्षा विभाग देहरादून द्वारा 7 जून से आयोजित ग्रीष्मकालीन साप्ताहिक संस्कृत संभाषण शिविर का आज भव्य रूप से समापन हो गया।
समापन सत्र की मुख्य अतिथि संस्कृत शिक्षा निदेशक मंजू भारती ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है जो संस्कृत बोलना सीख जाता है उसे अन्य भाषाएं सीखने में कोई परेशानी नहीं होती है इसलिए भारतीय ज्ञान परंपरा की मजबूती के लिए संस्कृत का सुदृढ़ होना बहुत आवश्यक है, और इसके लिए इस प्रकार के संभाषण शिविर मील का पत्थर साबित होंगे।
साप्ताहिक शिविर के सफल आयोजन के लिए सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षक अरुणदीप पंत की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कार्यक्रम के अतिविशिष्ट अतिथि पूर्व राज्य मंत्री सुभाष जोशी ने कहा कि जिस दिन घर-घर में संस्कृत भाषा बोलना शुरू हो गया उस दिन भारत को फिर से विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता है।
शिविर के मार्गदर्शक सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में 29 से 4 जून तक श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय मसूरी में 28 से 3 जून तक आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय में तथा 7 जून से 13 जून तक यहां पर ग्रीष्मकालीन संभाषण शिविर का आयोजन किया गया उन्होंने इसमें सहयोग करने वाली सभी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। मौके पर निदेशक ने साप्ताहिक शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र दिवाकर को तथा सबसे छोटी उम्र की दिव्या को पुरस्कृत किया।
कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष सुषमा कुकरेती, विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य आशुतोष शर्मा, माता मंदिर पार्षद विमल उनियाल ने भी संबोधित किया, सभी वक्ताओं ने द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार प्रसार हेतु सभी प्रकार का सहयोग करने का भरोसा संस्कृत शिक्षा विभाग को दिया, कार्यक्रम का संचालन आचार्य अरुण पंत ने किया।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के मंडल उपाध्यक्ष सौरभ शर्मा, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष मालती डबराल, किसान मोर्चा के मंडल मंत्री मुकेश जुयाल, रविंद्र रावत, जयदेव पैन्यूली, मंडल महामंत्री प्यारेलाल बिजलवाण, रायपुर विधानसभा आईटी प्रकोष्ठ प्रभारी गौरव पवार सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, संस्कृत भारती, बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।

