Close Menu
Aarogya GangaAarogya Ganga
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    ब्रेकिंग न्यूज़ -
    • अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्ती, डोईवाला और ऋषिकेश में कई भवन सील
    • धामी की PM मोदी से मुलाकात: कुंभ-2027 से लेकर एक्सप्रेस-वे तक बड़ी घोषणाएं
    • ब्रेकिंग: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 घटी, कीमतों में बढ़ोतरी पर लगी रोक
    • PM मोदी का देहरादून दौरा तय? धामी दिल्ली में कर रहे बड़ी तैयारी
    • भवाली रोड पर बड़ा हादसा: यात्रियों से भरी बस पलटी, 1 की मौत, कई घायल
    • अचानक भारत के पहले लेखक गाँव पहुँचीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सृजन की इस अद्भुत परिकल्पना की की सराहना
    • निजी कंपनियों ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकारी रहीं स्थिर—जानिए पूरा कारण
    • चारधाम यात्रा बस संचालन: 60-40 अनुपात में चलेंगी बसें, 30 मार्च को निकलेगी लॉटरी
    • उधम सिंह नगर में भीषण टक्कर: कार-बाइक एक्सीडेंट में 2 की जान गई
    • रामनवमी पर मुख्यमंत्री आवास में कन्या पूजन, CM पुष्कर सिंह धामी ने दिया नारी सम्मान का संदेश
    Friday, March 27
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    Aarogya GangaAarogya Ganga
    Demo
    • होम
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • खेल
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • मनोरंजन
    • क्राइम
    Login
    Aarogya GangaAarogya Ganga
    Home»उत्तराखंड»निजी कंपनियों ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकारी रहीं स्थिर—जानिए पूरा कारण
    उत्तराखंड देश नई दिल्ली

    निजी कंपनियों ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकारी रहीं स्थिर—जानिए पूरा कारण

    Aarogya GangaBy Aarogya GangaMarch 27, 2026Updated:March 27, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp

    सरकारी कंपनियों ने कीमतें स्थिर रखीं, लेकिन निजी कंपनियां बढ़ी लागत और बिना सब्सिडी के कारण दाम बढ़ाने को मजबूर
    देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। निजी तेल कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, जबकि सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक अपने दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर निजी कंपनियां अलग से कीमतें कैसे तय करती हैं।
    दरअसल, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें ‘डीरेगुलेटेड’ यानी सरकारी नियंत्रण से बाहर मानी जाती हैं, लेकिन व्यवहार में सरकार का प्रभाव अब भी बना रहता है। सरकारी कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum कई बार महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बावजूद खुद कीमतें नहीं बढ़ातीं। इस दौरान होने वाले घाटे की भरपाई सरकार करती है।
    इसके उलट निजी कंपनियों को किसी तरह की सब्सिडी या वित्तीय मदद नहीं मिलती। यही वजह है कि जब कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो उन्हें अपने घाटे से बचने के लिए खुद ही कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं या अपने संचालन को सीमित करना पड़ता है।
    इंपोर्ट पैरिटी प्राइस (IPP) का असर
    निजी कंपनियां अपनी कीमतों का निर्धारण मुख्य रूप से ‘इंपोर्ट पैरिटी प्राइस’ (IPP) के आधार पर करती हैं। इसका मतलब है कि अगर वही तेल विदेश से आयात किया जाए, तो उसकी कुल लागत कितनी होगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार का भाव, समुद्री भाड़ा, बीमा और पोर्ट चार्ज शामिल होते हैं। चूंकि निजी कंपनियां सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ी होती हैं, इसलिए उनकी लागत ज्यादा संवेदनशील होती है।
    टैक्स और बेस प्राइस का गणित
    पेट्रोल-डीजल की कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट (VAT) समान रूप से लागू होता है—चाहे कंपनी सरकारी हो या निजी। लेकिन निजी कंपनियों की बेस कॉस्ट अधिक होने और डीलरों को प्रतिस्पर्धी कमीशन देने की वजह से अंतिम कीमत बढ़ जाती है।
    अंडर-रिकवरी का खेल
    जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है और सरकारी कंपनियां राजनीतिक या आर्थिक कारणों से कीमतें स्थिर रखती हैं, तो इसे ‘अंडर-रिकवरी’ की स्थिति कहा जाता है। इस दौरान निजी कंपनियों के लिए बिना सब्सिडी के उसी कीमत पर तेल बेचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए वे दाम बढ़ाने का फैसला करती हैं।
    निजी कंपनियों की चुनौती
    भारत में Reliance Industries (Jio-bp), Nayara Energy और Shell जैसी कंपनियां पेट्रोल-डीजल का वितरण करती हैं। इन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि उन्हें सरकारी कंपनियों जैसा संरक्षण नहीं मिलता, जबकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना भी जरूरी होता है।
    ऐसे में जब भी निजी पेट्रोल पंपों पर तेल महंगा दिखाई देता है, तो इसके पीछे सिर्फ मुनाफा नहीं बल्कि लागत, टैक्स ढांचा और सरकारी-निजी नीतियों का फर्क जिम्मेदार होता है। यही कारण है कि आम उपभोक्ताओं को अलग-अलग पंपों पर अलग कीमतें देखने को मिलती हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Aarogya Ganga
    • Website

    Related Posts

    अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्ती, डोईवाला और ऋषिकेश में कई भवन सील

    March 27, 2026
    Read More

    धामी की PM मोदी से मुलाकात: कुंभ-2027 से लेकर एक्सप्रेस-वे तक बड़ी घोषणाएं

    March 27, 2026
    Read More

    ब्रेकिंग: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 घटी, कीमतों में बढ़ोतरी पर लगी रोक

    March 27, 2026
    Read More
    Leave A Reply Cancel Reply

    Top Posts

    मानसिक-शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं यह उपाय!

    September 6, 202588

    मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया सफाई अभियान

    September 27, 202578

    केदारनाथ सोना विवाद: गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आई सामने, हुए बड़े खुलासे

    September 23, 202569

    देशभर में मानसून एक्टिव मोड पर, मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी

    September 6, 202568
    Weather

    Aarogya Ganga is a National Hindi News Magazine. Launched in 2006, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.

    Editor: Sarojani Saklani
    Address: Lane No-6, A-Block, Shiv Ganga Enclave, Danda Lakhond, Sahastradhara Road, Gujrara, Dehradun, Uttarakhand, India 248001
    Email Us: aarogyaganga@gmail.com

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Our Picks

    अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्ती, डोईवाला और ऋषिकेश में कई भवन सील

    March 27, 2026

    धामी की PM मोदी से मुलाकात: कुंभ-2027 से लेकर एक्सप्रेस-वे तक बड़ी घोषणाएं

    March 27, 2026

    ब्रेकिंग: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 घटी, कीमतों में बढ़ोतरी पर लगी रोक

    March 27, 2026
    Most Popular

    मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया सफाई अभियान

    September 27, 202578

    केदारनाथ सोना विवाद: गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आई सामने, हुए बड़े खुलासे

    September 23, 202569

    देशभर में मानसून एक्टिव मोड पर, मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी

    September 6, 202568
    © 2026 Aarogya Ganga. All rights reserved.
    • होम
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?