हल्द्वानी। कुमाऊं आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की जनसुनवाई एक बार फिर आम जनता के लिए राहत का बड़ा मंच साबित हुई। शनिवार को कैम्प कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में सबसे ज्यादा फोकस जमीन से जुड़े धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामलों पर रहा, जहां कई पीड़ितों को मौके पर ही राहत मिली और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए।
जनसुनवाई में सामने आए मामलों में भूमि खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी, भू-अभिलेखों में गड़बड़ी और कब्जे से जुड़े विवाद प्रमुख रहे। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सबसे अहम मामला रानीखेत निवासी भगवती देवी का रहा, जिन्होंने हरिपुर फुटकुआं, हल्द्वानी में खरीदी गई 3612 वर्ग फीट जमीन में 1752 वर्ग फीट की कमी की शिकायत की थी। इस मामले में पूर्व में 22 लाख रुपये वापस कराने के निर्देश दिए गए थे। ताजा जनसुनवाई में भगवती देवी ने बताया कि उन्हें 20.85 लाख रुपये मिल चुके हैं। इस पर आयुक्त ने शेष 1.15 लाख रुपये भी जल्द वापस कराने के निर्देश दिए। इस त्वरित कार्रवाई से लैंड फ्रॉड पीड़ितों में भरोसा मजबूत हुआ है।
बाजपुर निवासी राजप्रीत कौर ने भूमि रिकॉर्ड तहसील में क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की। आयुक्त ने इसे गंभीर मामला मानते हुए निर्देश दिए कि सभी भू-अभिलेख सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड रूम में रखे जाएं और तहसील में केवल दैनिक कार्यों से जुड़े दस्तावेज ही रहें। उन्होंने कुमाऊं मंडल के सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए।
भूमि विवादों के बढ़ते मामलों को देखते हुए आयुक्त ने कानूनगो, पटवारी और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे छोटी-छोटी समस्याओं को भी गंभीरता से लें और मौके पर ही समाधान कर जनता को राहत दें।
जनसुनवाई में अन्य भूमि विवाद भी प्रमुखता से सामने आए। प्रेमा बिष्ट ने पुस्तैनी जमीन बेचने की शिकायत की, जबकि बीके सांगुड़ी ने उनकी भूमि के अवैध विक्रय का मामला उठाया। समरपाल सिंह ने धनराशि वापस न मिलने की शिकायत की। इन सभी मामलों में आयुक्त ने जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि मामलों के साथ ही अन्य शिकायतों पर भी सख्त रुख देखने को मिला। मल्ला बगड़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकारी पेयजल लाइनों से होटलों को अवैध कनेक्शन दिए जाने की शिकायत की, जिस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए अधीक्षण अभियंता और संबंधित जेई को तलब कर फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अवैध कनेक्शन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सोलर सिस्टम से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता रमेश चंद्र पंत ने बताया कि कंपनी ने उनके घर सोलर सिस्टम लगाने के बाद सर्विस और सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी नहीं की। इस पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कंपनियों की जिम्मेदारी तकनीकी निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। भविष्य में ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
देवलचौड़ स्थित जय महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक अतुल वर्मा ने दुकान से करीब 13 लाख रुपये के जेवर चोरी होने और कर्मचारी पर आरोप की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने टीपी नगर चौकी इंचार्ज को जांच के निर्देश देते हुए अगली जनसुनवाई में सभी पक्षों को उपस्थित कराने को कहा।
इसके अलावा जनसुनवाई में उमा देवी ने पति द्वारा मकान जबरन बेचने, सोनी वर्मा ने पेंशन दिलाने, कौशल सुनाल ने स्थायी नियुक्ति, तथा अन्य फरियादियों ने भरण-पोषण और व्यक्तिगत विवादों से जुड़े मामलों को उठाया। आयुक्त ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, जनसुनवाई में लैंड फ्रॉड के मामलों का त्वरित समाधान और सख्त रुख सबसे ज्यादा प्रभावी रहा। इससे आम लोगों में भरोसा बढ़ा है कि अब जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में प्रशासन न केवल सुनवाई कर रहा है, बल्कि मौके पर ही ठोस कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है।

