Close Menu
Aarogya GangaAarogya Ganga
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    ब्रेकिंग न्यूज़ -
    • रेरा पोर्टल से जुड़ेगा मानचित्र स्वीकृति सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत
    • चारधाम मॉनिटरिंग मॉडल बना मिसाल, हिमाचल में भी होगा लागू
    • धीमी प्रगति पर फटकार, SARRA को दिए सख्त निर्देश
    • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं
    • केदारनाथ धाम में VIP दर्शन पर बवाल, अडानी ने किया दर्शन और रोपवे परियोजना का लिया जायजा
    • कॉमर्शियल गैस महंगी: होटल कारोबार पर बढ़ा दबाव
    • देहरादून नगर निगम बैठक में हंगामा, अतिक्रमण पर सख्ती का फैसला
    • देहरादून में धर्मांतरण के कथित आरोपर पर दो महिलाओं पर मुकदमा दर्ज, पड़ताल में जुटी पुलिस
    • नैनीताल धर्मांतरण मामला: मुख्य आरोपी मोहम्मद यूनुस उर्फ एमडी गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
    • राजाजी टाइगर रिजर्व में मंत्री पुत्र की शादी: नियम उल्लंघन पर 4 वनकर्मियों पर कार्रवाई
    Friday, May 1
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    Aarogya GangaAarogya Ganga
    Demo
    • होम
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • अंतर्राष्ट्रीय
    • खेल
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • मनोरंजन
    • अपराध
    Login
    Aarogya GangaAarogya Ganga
    Home»उत्तराखंड»रेरा पोर्टल से जुड़ेगा मानचित्र स्वीकृति सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत
    उत्तराखंड देहरादून

    रेरा पोर्टल से जुड़ेगा मानचित्र स्वीकृति सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत

    Aarogya GangaBy Aarogya GangaMay 1, 2026No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    • रेरा पोर्टल से जुड़ेगा मानचित्र स्वीकृति सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत
    • भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर पुनर्विचार के निर्देश, आवास विभाग के अधिसूचित क्षेत्र में पंचायतों का नक्शा पास करने का अधिकार खत्म, एक हफ्ते में प्रस्ताव मांगे
    • अवैध निर्माण और अनियमित कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रेरा और प्राधिकरणों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा- डॉ. आर. राजेश कुमार

    राज्य में निर्माण गतिविधियों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में तय किया गया कि राज्य के नियोजित क्षेत्रों के बाहर स्थित परियोजनाओं के मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को उत्तराखण्ड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) की निर्माणाधीन वेबसाइट से जोड़ा जाएगा। इसके तहत मानचित्र स्वीकृति प्राधिकारियों को पोर्टल में शामिल किया जाएगा, जिससे स्वीकृति प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध हो सके। बैठक में रेरा सदस्य नरेश मठपाल, पंकज कुलश्रेष्ठ, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह वर्निया, अपर जिलाधिकारी उत्तरकाशी मुक्ता मिश्रा, संयुक्त निदेशक पंचायती राज एमएस राणा, वरिष्ठ नगर एवं ग्राम नियोजक शशि मोहन श्रीवास्तव समेत विभिन्न प्राधिकरणों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। बैठक में रेरा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और निर्माण स्वीकृति से संबंधित जटिलताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर पुनर्विचार के संकेत

    बैठक में 1 अगस्त 2025 के शासनादेश के तहत भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में बढ़ोतरी के मुद्दे पर विशेष चर्चा हुई। वर्तमान प्रावधान के अनुसार, आवासीय या पर्यटन उपयोग में परिवर्तन पर सर्किल रेट के बराबर शुल्क तथा व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तन पर 1.5 गुना शुल्क लिया जा रहा है अधिकारियों ने बताया कि बढ़े हुए शुल्क के कारण आम लोगों को मानचित्र स्वीकृति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर आवास सचिव ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने बोर्ड की बैठकों में इस विषय पर विचार कर एक सप्ताह के भीतर संशोधित प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि जनहित में राहत देने पर निर्णय लिया जा सके।

    आवास विभाग के अधिसूचित क्षेत्र में पंचायतों का नक्शा पास करने का अधिकार समाप्त

    बैठक में एक बड़ा निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया गया कि अब पंचायती राज संस्थाओं को अधिसूचित क्षेत्रों में नक्शा पास करने का अधिकार नहीं रहेगा। दरअसल, 2025 के संशोधित अधिनियम की धारा-59 के तहत पंचायती राज अधिनियम की धारा-106 को निरस्त कर दिया गया है। इसके चलते अब केवल विकास प्राधिकरण ही अधिसूचित क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस निर्णय के बाद आवास विभाग ने पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया कि वे तत्काल प्रभाव से एक सर्कुलर जारी कर सभी जिला पंचायतों को इस नई व्यवस्था की जानकारी दें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

    रेरा के जरिए कॉलोनियों पर कड़ी निगरानी

    बैठक में यह भी तय किया गया कि विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित क्षेत्रों से बाहर भी यदि कहीं भूखंडों का उपविभाजन या कॉलोनी विकसित की जा रही है, तो वहां रेरा के माध्यम से सख्त निगरानी और विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्राधिकरणों और रेरा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवैध कॉलोनियों और अनियोजित विकास पर रोक लगाई जा सके।

    अवैध निर्माण रोकने के लिए बनेगा कॉमन ड्राफ्ट

    राज्य में बढ़ते अवैध निर्माण को लेकर भी बैठक में चिंता जताई गई। स्थगित क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान आ रही दिक्कतों को देखते हुए आवास सचिव ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि अवैध निर्माण रोकने के लिए एक कॉमन ड्राफ्ट तैयार किया जाए। यह ड्राफ्ट सभी प्राधिकरणों के लिए एक समान कानूनी ढांचा प्रदान करेगा, जिससे अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज और प्रभावी हो सकेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस ड्राफ्ट को जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध कराया जाए।

    ऑनलाइन सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता

    बैठक के अंत में आवास सचिव ने कहा कि रेरा पोर्टल के माध्यम से मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को ऑनलाइन करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। साथ ही आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने और तय समयसीमा के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस बैठक के फैसलों से साफ है कि राज्य सरकार निर्माण क्षेत्र में सख्ती के साथ-साथ व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में इसका सीधा असर आम लोगों और रियल एस्टेट सेक्टर दोनों पर देखने को मिलेगा।

    मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को रेरा पोर्टल से जोड़ा जाएगा- डॉ. आर. राजेश कुमार

    राज्य में निर्माण और विकास गतिविधियों को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। आज की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को रेरा पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी बन सके। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक जटिलताओं से राहत मिलेगी और समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित होगी। भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क को लेकर प्राप्त फीडबैक के आधार पर सभी विकास प्राधिकरणों से प्रस्ताव मांगे गए हैं, ताकि जनमानस को राहत देने के विकल्पों पर विचार किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिसूचित क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति का अधिकार केवल प्राधिकरणों के पास होगा, जिससे एकरूपता बनी रहे। अवैध निर्माण और अनियमित कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रेरा और प्राधिकरणों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि विकास योजनाएं नियमों के अनुरूप हों और आम जनता को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था का लाभ मिल सके।
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Aarogya Ganga
    • Website

    Related Posts

    धीमी प्रगति पर फटकार, SARRA को दिए सख्त निर्देश

    May 1, 2026
    Read More

    चारधाम मॉनिटरिंग मॉडल बना मिसाल, हिमाचल में भी होगा लागू

    May 1, 2026
    Read More

    केदारनाथ धाम में VIP दर्शन पर बवाल, अडानी ने किया दर्शन और रोपवे परियोजना का लिया जायजा

    May 1, 2026
    Read More
    Leave A Reply Cancel Reply

    Top Posts

    मानसिक-शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जरूरी हैं यह उपाय!

    September 6, 202588

    मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया सफाई अभियान

    September 27, 202578

    केदारनाथ सोना विवाद: गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आई सामने, हुए बड़े खुलासे

    September 23, 202570

    देशभर में मानसून एक्टिव मोड पर, मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी

    September 6, 202568
    Weather

    Aarogya Ganga is a National Hindi News Magazine. Launched in 2006, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.

    Editor: Sarojani Saklani
    Address: Lane No-6, A-Block, Shiv Ganga Enclave, Danda Lakhond, Sahastradhara Road, Gujrara, Dehradun, Uttarakhand, India 248001
    Email Us: aarogyaganga@gmail.com

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Our Picks

    रेरा पोर्टल से जुड़ेगा मानचित्र स्वीकृति सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत

    May 1, 2026

    धीमी प्रगति पर फटकार, SARRA को दिए सख्त निर्देश

    May 1, 2026

    चारधाम मॉनिटरिंग मॉडल बना मिसाल, हिमाचल में भी होगा लागू

    May 1, 2026
    Most Popular

    मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया सफाई अभियान

    September 27, 202578

    केदारनाथ सोना विवाद: गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट आई सामने, हुए बड़े खुलासे

    September 23, 202570

    देशभर में मानसून एक्टिव मोड पर, मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी

    September 6, 202568
    © 2026 Aarogya Ganga. All rights reserved.
    • होम
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?